
बरहरवा: बरहरवा प्रखंड सह अंचल मुख्यालय परिसर में पिछले 16 दिनों से जारी शेरशाहाबादी आंदोलन को अब छात्र-छात्राओं का भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है। बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं धरनास्थल पहुंचीं और आंदोलनकारियों के साथ बैठकर अपना समर्थन जताया।
धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि यह केवल जाति प्रमाण पत्र का मामला नहीं, बल्कि हजारों छात्र-युवाओं के भविष्य और पूरे समाज की पहचान से जुड़ा विषय है। छात्राओं की बड़ी भागीदारी को आंदोलन के जनआंदोलन में बदलने का संकेत बताया गया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में हर घर से महिला, पुरुष, छात्र, नौजवान, किसान और मजदूर सड़क पर उतरेंगे। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
धरना स्थल से प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा गया कि समाज अब अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। लोगों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में साहिबगंज और पाकुड़ जिले में भी आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरनास्थल पर मौजूद छात्रों ने कहा कि समाज की पहचान और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अब युवा पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि गांव-गांव से लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और मजबूत होगा।
