साहिबगंज खनन मामला: फतेहपुर की बस्ती और खदान की दूरी को लेकर उठे सवाल, ग्रामीणों ने मांगी जांच
साहिबगंज: जिले के फतेहपुर क्षेत्र में संचालित एक खदान को लेकर ग्रामीणों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान से बस्ती की वास्तविक दूरी लगभग 200-250 मीटर है, जबकि संबंधित रिपोर्ट में इसे करीब 2 किलोमीटर दर्शाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान के 500 मीटर के दायरे में बसावट होने के बावजूद दस्तावेजों में “शून्य बसावट” दिखाया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि 10 वर्षों के लिए स्वीकृत खनन कोटा कथित तौर पर मात्र 5 वर्षों में कैसे समाप्त हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में धूल प्रदूषण, लगातार ब्लास्टिंग और भूजल स्तर में गिरावट जैसी समस्याएं बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में अंतर है तो इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
